Wednesday, 24 October 2012


 जोधपुर.ओसियां पशु मेले के समापन मौके पर मंगलवार को हिंदी फिल्म पहेली से सुर्खियां बटोरने वाला बादलिया ऊंट ढोल की थाप पर जमकर थिरका। मेले में सैलानियों के मनोरंजन के लिए उसे खास तौर पर लाया गया था। फौजी चाल, जमीन से पैसे उठाना, सलाम करना, कहे अनुसार कई काम करना, अतिथियों को माला पहनाना आदि करतब दिखाकर बादलिया ने सबका दिल जीत लिया। पर्यटन विभाग के पशुओं की सूची में भी इसका नाम पहले स्थान पर दर्ज है। 13 साल से बादलिया को उसके उस्ताद मौज अली ने छह माह की ट्रेनिंग देकर तैयार किया है।

  जय राजस्थान ,जय किसान ,जय                    जवान 

ये राजस्थानी शान आज संसार में अलग ही महत्व रखती ह, हमारी धरोहर हमें गर्व महशुश कराती हँ ! राजस्थान का जहाज कहलाने वाला ऊंट जहाँ भी दिखाई दे वो राजस्थानी याद ताजा कर देता ह, ये घाघरा लुगडी देख कर मन खिल उठता ह पर आज आधुनिक तकनिकी की वजह से राजस्थानी पोशाक पर धीरे -धीर बुरा असर हम समाज में देख रहे ह हमारी संस्कृति पर गलत प्रभाव जो हो रहा ह वो बहुत ही चिंतनीय ह हम सबको इन गलत दिखावे से दूर हो कर हमें हमारी संस्क्रती को बचाने की हमारी जिमेदारी बनती ह और हमें इसे गर्व के साथ बचाना भी होगा!
                 
       जय राजस्थान ,जय किसान ,जय जवान 
                               

  हमारी राजस्थानी धरती ने किसान ,और जवान में हमेशां अव्वल रही ह यहाँ के रणबाकुरों की गाथाएं सुनकर रोंगटे कड़ी कर देती हँ  हम,यहाँ से ही महाराणा प्रताप ,झाँसी की रानी ,कुम्भा ,जेसी महान वीरों की कुर्बानी यहाँ की शान रही ह!
                                    अत: हमारी संस्कर्ति को बचाने का हर राजस्थानी का गर्व होना चाहिए !
                                              में हूँ , आम आदमी !
                                                मक्खन लाल पूनिया 






No comments: