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Makkhan Lal Poonia
Sunday, 14 July 2013
Wednesday, 22 May 2013
Saturday, 18 May 2013
स्वराज
स्वराज
महात्मा गाँधी ने हमारे देश के लिए जो सपना सजोया था वो “स्वराज “ था ! बापू ने हमारे देश को १५ अगस्त १९४७ में आज़ाद करवा दिया और बोले “अभी हमें सम्पूर्ण आजादी नहीं मिली है , इसके लिए हमें कांग्रेस को ख़त्म करना होगा ! बापू पहले ही कांग्रेस की हकीकत से परीचित थे , वो जानते थे कि कांग्रेस भारत वासियों पर अंग्रेजों द्वारा थोपी गयी एक संस्था के सिवाय कुछ नहीं है !
कांग्रेस की स्थापना सन १८८५ में एक अंग्रेज अधिकारी ए ओ हुंम ने की थी ! इसके पीछे ब्रिटिस सरकार का साफ़ मकसद था कि भारत में एक संस्था का निर्माण करवाया जाए जिस संस्था में भारत में रह रहे कुछ बुद्धिजीवियों को शामिल किया जाय और वो संस्था ब्रिटिस हुकूमत के अधीन काम करे ! इस संस्था से ब्रिटिश हुकूमत को सभी भारतियों पर नजर रखने का एक बेहतर उपाय था !
हमारे देश के ही बहूत एसे नेता हुए है जो केवल शरीर से भारतीय थे और मन से अंग्रेजी हुकूमत के सोदागर थे उनका इस देश से कोई लगाव नहीं था वो अपनी भोग विलासिता जिन्दगी में विस्वाश करते थे उनका इस मुल्क से कोई लेना देना नहीं था मेरी राय में इस प्रकार के व्यक्ति को हमारी मात्रभूमि के आँचल को गन्दा करने के सिवाय कुछ नहीं किया वो थे हमारे देश के प्रथम प्रधानमंत्री (जबरदस्ती प्रधानमंत्री ) श्री जवाहर लाल नेहरू और दुसरे महाशय श्री जिन्ना ! दोनों ने अपने- अपने स्वार्थ के लिए हमारे हिन्दुस्तान को भारतऔर पाकिस्तान बनाया और दोनों ने देश वासियों को एक सन्देश दिया कि अब हिन्दुस्तान में हिन्दू और मुस्लिम एक जगह नहीं रह सकते , इन दोनों धर्मों को अलग अलग हिस्सा देना होगा और ये सब ब्रिटिश हुकूमत की चाल थी !
ब्रिटिश हुकूमत को ये भली भांति पता था कि हिन्दुस्तान को अगर दो हिसा नहीं किया तो संसार में ये हमेशा सोने की चिड़िया ही रहेगा और इसके लिए ये करना बहुत ही जरुरी था ! अंग्रेजी सरकार ने इस काम के लिए पंडित जवाहर लाल और जिन्ना को मोहरा बनाया !
इसी बीच बापू के पास जिन्ना का घरेलु डॉक्टर मिला और बापू से बोला एक बार इस देश का प्रधानमंत्री जिन्ना को ही बना दे क्यों कि जिन्ना एक बहुत बड़ी बेमारी से पीड़ित है वो ज्यादा से ज्यादा तीन महीने और निकाल पायेगा ये बात बापू समज गए जेसे तेसे ये देश का बटवारा ना हो तो जिन्ना ही सही !
बापू ने जवाहर लाल को अपने पास बुलाया और कहा तुम एक बार जीना को प्रधानमंत्री बन जाने दो फिर तुम बन जाना , जवाहर लाल अब जिन्ना की सब हरकत जान चूका था वो जिन्ना को बिलकुल भी प्रसंद नहीं करता था तो जवाहर लाल ने बापू से कहा अगर में प्रधानमत्री नहीं बनुगा तो ये देश आजाद भी नहीं होगा और जिन्ना को तो प्रधानमत्री तो क्या में चपड़ासी भी नहीं बना सकता !
अब बापू का मन टूट गया और वो बोले तुम सता के नसे में अंधे हो गए और हमारा देश जब तक आजाद नहीं होगा तब तक इस देश से ये कांग्रेस ख़त्म नहीं होगी ! यहाँ पर बापू को एक बहुत बड़ा सदमा लगा जो ये दोनों सता के लोभी इसके जिमेदार थे
दोस्तों ये हाड मांस का पुतला उसी समय इस देश में स्वराज स्थापित करना चाहता था लेकिन आम आदमी की हुकूमत इस देश में लाने में बापू को ये देश के गदार सफल नहीं होने दिया और इस देश का नागरिक एक बहुत बड़ी साजिस का शिकार होता चला गया , हमारे देश में सता का केन्द्रीय कर्ण हो गया जो आज बापू के नाम का सहारा लेकर इस देश को बेचने में लगे है उनका सिर्फ एक ही मकसद है केवल भारत को लूटना ,और यहाँ के लोगों में फूट डालना मतलब वही अंग्रेज़ हुकूमत निति आज भी हमारे नेता बापू के देश में लागु कर रखी है !
दोस्तों इन सब बातों को शेयर करने का मेरा मकसद गड़े मुर्दे उखाड़ना नहीं बल्कि हमारे देश में ये परिवार वाद ,सता एकीकरण , को ख़त्म करके आम आदमी की सरकार और सता का विकेंद्रिकर्ण होना चाहिए तब ही हम बापू के सपने को साकार कर पायंगे , हमारे देश को इन दलालों से बचा पाएंगे अगर आज भी हम इस पर नहीं जगे तो इस संसार के नक्से से इस हिंदुस्तान को ये दलाल और परिवार मिटा देगा चलो आज देश सोने की चिड़िया तो नहीं पर संसार के नक्से में तो हम बना कर चल सकते है और ये भारत माँ अपने दामन पर लगने वाले दाग को मिटाने के लिए आज आम आदमी को पुकार रही है , अब हमारी माँ के दूध का कर्ज चुकाना है तो आम आदमी को जगना ही होगा !
राजीव भाई ने हमारे देश को बहुत कुछ दिया अगर किसी भाई को इन बातों
पर विस्वास नहीं हो तो निचे में साइड पता दे रहा हूँ आप इस महान व्यक्ति को सुन कर हमारे देश की हकीकत को जान पाएंगे में राजीव भाई को बार बार नमन करके मेरी कलम को रोक रहा हूँ !
आम आदमी अपनी ताकत को पहचाने !!
में हूँ आम आदमी - मक्खन लाल पूनिया
Thursday, 2 May 2013
शहीद सरबजीत पर आज भारतीय नेता राजनीति कर रहे है ! राहुल गाँधी ये खबर मिलते ही उनके परिवार के पास पहुँच गया उनको मालूम था आज मीडिया वहीँ पर होगी ....आज तक यही राहुल कुछ नहीं बोले ,एक मिनट भी उनके परिवार को नहीं दे सका , सरबजीत सिंह की बहन ने जो इस देश को संदेश दिया व् बहुत ही सराहनीय है ! इस देश के नेताओं को इस देश भक्त की बहन से कुछ तो सीखना चाहिए !
भगवान उसके परिवार को इस दुःख को सहन करने की शक्ति दे !
भगवान उसके परिवार को इस दुःख को सहन करने की शक्ति दे !
Friday, 7 December 2012
सत्य मेव जयते : संसद में कुछ और वास्तविक कुछ और !
सत्य मेव जयते : संसद में कुछ और वास्तविक कुछ और !: संसद में कुछ और वास्तविक कुछ और ! इस देश में नेताओं के दाँत भी हाथी के दाँत की तरह से खाने के और दिखाने के और है ; संसद चल रही थी सुषमा ...
Makkhan Lal Poonia
Makkhan Lal Poonia
संसद में कुछ और वास्तविक कुछ और !
कुछ देर बाद एक महाशय और खड़े हुए और खूब गरम जोश में FDI का विरोध किया वो थे बहन मायावती के पार्टी से, देखने में ऐसा लग रहा था पूरे देश की चिंता इन्ही पार्टियों को है बार बार सांसद संख्या से दुखी मुलायम जी ने इस देश के सामने क्या ड्रामा किया देखने लायक था ,
अंत में वोटिंग के समय पता चला कि मुलायम और मायावती की पार्टी तो वोटिंग ही नहीं कर रही तो फिर संसद में ये भाषण किस लिए ,क्यों आम आदमी को भ्रमित किया जा रहा है ,क्यों किसी का समय बर्बाद करने लगे है ये नेता देश की सेवा तो ये लोग नहीं कर सकते पर जनता के साथ ये किस तरह का मजाक है !
मेरे विचार से इस संसद में कुछ भी ये नेता तय नहीं करते सब कुछ पहले से तय होता है केवल जनता को दिखने के लिए ये सब किया जाता है !ये चोर चोर मौसेरे भाई है ! इन सब को विदेशी कम्पनियों ने खरीद लिया है !अब जनता से वोट मांगने पर न जाने क्या -क्या बहाने बनायेंगे !
भाई अरविन्द केजरीवाल ने सच ही कहा है कि ये सब जनता को भ्रमित कर रहे है बाकी सब ये एक ही है ! मुलायम और माया तो करते भी क्या अगर विपक्ष में वोटिंग करते तो सीबीआई से कौन बचाए और सीबीआई कांग्रेस की एजेंसी तो फिर संसद में बहस की जरूरत कहाँ थी
में हूँ ,आम आदमी !
मक्खन लाल पूनिया
Monday, 3 December 2012
गाँधी जी का अहिंसा वादी भारत
Makkhan Lal Poonia
गाँधी जी का अहिंसा वादी भारत :- दादाजी जी की वो बात आज भी मुझे अच्छी तरह से याद है , में बहुत बार याद करके मन ही मन में गर्व महशुश करता हूँ कि मुझे भी अहिंसा वादी दादाजी के संस्कार मिले !
बात उन दिनों की ह जब गाँव में लोग फसल काट कर अपने खेत से घर लाते थे , ज्यादातर लोग अपनी फसल बेल गाड़ी या भेंसा गाड़ी या फिर ऊँट गाड़ी से लाते थे , में भी दादाजी के साथ खेत में गया हूवा था जिसे हम फ़िलहाल देव नगर (भांड याली ) के नाम से जानते है , शाम के लगभग 6:00 का समय था ,चारों और से पक्षियों की आवाज सुनाई दे रही थी , हम भी हमारे गाँव (गुंगारा ) में प्रवेश किया ,दादाजी गाड़ी के पीछे चल रहे थे, में उनके साथ था , गाँव में एक बुजरग वक्ती अपने घर से बहार निकला और दादाजी को को गाली बक दी , दादाजी ने पहले तो ध्यान से सुना और और फिर उस बुजरग वक्ती को बोले " देख वो , कशोक बोल्यो हे , कोई बात कोनि , आज्या चिलम पील , उसके गाली बोलने पर भी दादाजी ने बिलकुल घुसा नहीं किया और उसको सामान दिया ! ये सुनते ही वो वक्ति शर्मिंदा हो कर अपने घर में घुस गया , वहां पर खड़े कई लोग देखते ही रह गए ! उस दिन बाद वो वक्ती दादाजी के सामने आने से भी शर्मिंदा होता था !
ये शब्द बोलने के पीछे उस वक्ति का कारण ये था कि मेरे बड़े भैया और उस वक्ति का लड़का दोनों एक साथ रहते थे और शाम को देर तक घर नहीं लोटते थे और वो मेरे भाई की वजह से दादाजी को गाली दे रहा था !
एसी बहुत सी बात मेरे दादाजी में थी , जेसे दादाजी कहीं भी जाते तो रास्ते में सभी से राम - राम करके चलते थे कभी भी किसी का बुरा नहीं सोचते थे और तो और रास्ते में पड़ी छड़ी को भी रास्ते वो हटाये बगेर नहीं चलते थे !
में हूँ ! आम आदमी !
मक्खन लाल पूनिया
गाँधी जी का अहिंसा वादी भारत :- दादाजी जी की वो बात आज भी मुझे अच्छी तरह से याद है , में बहुत बार याद करके मन ही मन में गर्व महशुश करता हूँ कि मुझे भी अहिंसा वादी दादाजी के संस्कार मिले !
बात उन दिनों की ह जब गाँव में लोग फसल काट कर अपने खेत से घर लाते थे , ज्यादातर लोग अपनी फसल बेल गाड़ी या भेंसा गाड़ी या फिर ऊँट गाड़ी से लाते थे , में भी दादाजी के साथ खेत में गया हूवा था जिसे हम फ़िलहाल देव नगर (भांड याली ) के नाम से जानते है , शाम के लगभग 6:00 का समय था ,चारों और से पक्षियों की आवाज सुनाई दे रही थी , हम भी हमारे गाँव (गुंगारा ) में प्रवेश किया ,दादाजी गाड़ी के पीछे चल रहे थे, में उनके साथ था , गाँव में एक बुजरग वक्ती अपने घर से बहार निकला और दादाजी को को गाली बक दी , दादाजी ने पहले तो ध्यान से सुना और और फिर उस बुजरग वक्ती को बोले " देख वो , कशोक बोल्यो हे , कोई बात कोनि , आज्या चिलम पील , उसके गाली बोलने पर भी दादाजी ने बिलकुल घुसा नहीं किया और उसको सामान दिया ! ये सुनते ही वो वक्ति शर्मिंदा हो कर अपने घर में घुस गया , वहां पर खड़े कई लोग देखते ही रह गए ! उस दिन बाद वो वक्ती दादाजी के सामने आने से भी शर्मिंदा होता था !
ये शब्द बोलने के पीछे उस वक्ति का कारण ये था कि मेरे बड़े भैया और उस वक्ति का लड़का दोनों एक साथ रहते थे और शाम को देर तक घर नहीं लोटते थे और वो मेरे भाई की वजह से दादाजी को गाली दे रहा था !
एसी बहुत सी बात मेरे दादाजी में थी , जेसे दादाजी कहीं भी जाते तो रास्ते में सभी से राम - राम करके चलते थे कभी भी किसी का बुरा नहीं सोचते थे और तो और रास्ते में पड़ी छड़ी को भी रास्ते वो हटाये बगेर नहीं चलते थे !
में हूँ ! आम आदमी !
मक्खन लाल पूनिया
Friday, 9 November 2012
केजरीवाल का एक और बड़ा खुलासा आज
केजरीवाल का एक और बड़ा खुलासा आज :-सभी पार्टियों में आज फिर से डर हो गया कि केजी न मालूम कोनसा खुलासा करने वाले हँ ! भारत को आज आजाद हुए काफी समय हो गया पर किसी भी राजनेता या पार्टी में इतना डर पहले कभी देखने को नहीं मिला जो आज मिल रहा ह ! भारत जेसे लोकतंत्र में दिनों -दिन बड़ी पार्टियों जनता के साथ आये दिन जो हत्याचार सता का हिस्तेमाल करके करते ह बहुत ही दुखद हं !
इन सभी बड़े खुलासों में मिडिया की भूमिका भी काफी सराहनीय ह जो जनता को इन सब से रूबरू करने सक्षम हूही ह ये बड़ी पार्टिया आज मिडिया को भी अपनी चुंगल में फ़साने का भरसक प्रयास करती ह परत्नु कुछ दिनों से मिडिया से जनता को देखने को मिला ह व् संतोष प्रद हं !मिडिया को आज अपनी जिमेदारी को नेतिक आधार मानते हुए जनता को उनके हक़ का एहसाश जरुर करवाना चाहिए तभी आम आदमी अपनी लोकतंत्र की रक्षा करने में आगे आयेंगे !आज कम्पूटर युग में हमें सभी जानकारी जल्दी व् सही मिल जाती हं हमें इसका फायदा भी उठाना चाहिए !
जब हम आपस में कई बार बात करते हं कि केजरीवाल देश का बविश्य हं तब सभी के अलग -अलग विचार उभर कर सामने आते ह कोई बोलता ह इसमें विदेशी ताकतों का हाथ ह कोई बोलता ह ये सब एक ही ह आगे जाकर ये भी इन नेताओं की तरह से हो जायेगा ,इसमें अमेरिका का हाथ ह ,ये देश को बरबाद कर देगा ,ये सब सुनकर ये लगता ह इन नेताओं ने देश की जनता को कितना निराशा वादी बना दिया ह ,और ये विचार आना स्वाभविक भी ह इस देश की जनता को सत्य से भी मुकरने में भी अब झिझक नहीं रही !
हमारे देश की लगभग ये भावना हो गयी ह कि कोई भी आरोप या प्रत्यारोप करता ह तो इसमें विदेशी ताकतों का हाथ ह ये वरना कर ही नहीं सकता !अभी रिलायंस कम्पनी पर आरोप लगाये तो कुछ ने कहा अरे ये तो देश को चला रहा ह में पूछना चाहता हूँ क्या रिलायन्स इस देश से भी बड़ा ह मेरा कहने का मकसद यही ह कि हमारी सोच बहुत ही कमजोर हो चुकी ह इन नेताओं की वजह से हमें इस देश के भविष्य के लिए सोच में परिवर्तन करना होगा वरना इस देश को बहुत समस्याओं का सामना करना होगा,हम में सत्य को स्वीकार करने की शक्ति होनी चाहिए तब ही गाँधी के सपने साकार होंगे
में हूँ !आम आदमी
मक्खन लाल पूनिया
हमारे देश की लगभग ये भावना हो गयी ह कि कोई भी आरोप या प्रत्यारोप करता ह तो इसमें विदेशी ताकतों का हाथ ह ये वरना कर ही नहीं सकता !अभी रिलायंस कम्पनी पर आरोप लगाये तो कुछ ने कहा अरे ये तो देश को चला रहा ह में पूछना चाहता हूँ क्या रिलायन्स इस देश से भी बड़ा ह मेरा कहने का मकसद यही ह कि हमारी सोच बहुत ही कमजोर हो चुकी ह इन नेताओं की वजह से हमें इस देश के भविष्य के लिए सोच में परिवर्तन करना होगा वरना इस देश को बहुत समस्याओं का सामना करना होगा,हम में सत्य को स्वीकार करने की शक्ति होनी चाहिए तब ही गाँधी के सपने साकार होंगे
में हूँ !आम आदमी
मक्खन लाल पूनिया
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