M.L.Poonia (Aam Aadmi)

Saturday, 27 October 2012

अनमोल वचन


अनमोल वचन 




काम करो ऐसा कि पहचान बन जाये;
हर कदम चलो ऐसे कि निशान बन जायें;
यह जिंदगी तो सब काट लेते हैं;
जिंदगी ऐसे जियो कि मिसाल बन जाये!



विज्ञान कहता है के जीभ पर लगी चोट जल्दी ठीक होती है;
और ज्ञान कहता है के जीभ से लगी चोट कभी ठीक नहीं होती है!


शीशा और रिश्ता वैसे दोनों नाजुक होते हैं;
बस फर्क तो इतना है कि शीशा गलती से टूट जाता है;
और रिश्ता गलतफैमियों से!




ताश के पत्तों से ताज महल नहीं बनता;
नदी को रोकने से समुंदर नहीं बनता;
लड़ते रहो ज़िन्दगी से हरपल;
क्योंकि एक जीत से कोई सिकंदर नहीं बनता!


अश्कों को आँखों की दहलीज पर लाया न करो;
अपने दिल का हाल किसी को बताया न करो;
लोग मुट्ठी भर नमक लिए घूमा करते हैं;
अपने ज़ख़्म किसी को दिखाया न करो!



भगवान की भक्ति करने से शायद हमें माँ न मिले;
लेकिन माँ की भक्ति करने से भगवान् अवश्य मिलेंगे!

शाम सूरज को ढलना सिखाती है;
शमा परवाने को जलना सिखाती है;
गिरने वालों को तकलीफ तो होती है;
लेकिन ठोकर ही इंसान को चलना सिखाती है!


बुराई इसलिए नहीं पनपती की बुरा करने वाले लोग बढ़ गये हैं;
बल्कि इसलिए बढ़ती है, कि सहन करने वाले लोग बढ़ गये हैं!


संघर्स में आदमी अकेला होता है;
सफलता में दुनियां उसके साथ होती है;
जब-जब जग उस पर हँसा है;
तब-तब उसी ने इतिहास रचा है!


दुनियां का गरीब आदमी मंदिर के बाहर भीख मागता है;
और दुनियां का अमीर आदमी मंदिर के अन्दर भीख मांगता!



किसी का साथ यह सोचकर मत छोड़िए, कि आपको देने के लिए उसके पास कुछ नहीं है! बस यह सोच कर साथ निभाएं कि, उसके पास कुछ नहीं है आपके सिवा खोने के लिए!

दर्द, हमेशा अपने ही देते हैं!
वर्ना गैरों को क्या पता कि आपको तकलीफ किस बात से होती है!


जब आप जीवन में सफल होते हैं;
तब आप के दोस्तों को पता चलता है, कि आप कौन हैं!
जब आप जीवन में असफल होते हैं;
तब आपको पता चलता है, कि आप के दोस्त कौन हैं!








डॉ.अब्दुल कलाम :- सबसे बड़ा मनुष्य का नेतिक धर्म एक गरीब परिवार के बच्चे को शिक्षा में सहयोग करना,होता ह न कि मंदिर या मस्जिद के बहार लगे भीड़ को भीख देना !

                         में हूँ ! आम आदमी - मक्खन लाल पूनिया 

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